मकान पर कब्जा कर बेटे ने किया प्रताड़ित पंचायत में हुई सुनवाई
बुजुर्ग से जमीन के एग्रीमेंट कराकर जमीन किसी और को बेचकर रुपया वापस करने से किया इंकार।
घर में 4 लड़के बहु, फिर भी दाने दाने को मोहताज बुजुर्ग दम्पत्ति
पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ प्रशांत चौबे के नेतृत्व में कोर कमेटी सदस्य श्री अनिल पालीवाल, श्री साधु राम शर्मा, श्री कमल सिंह ठाकुर, श्री विपुल चांडक की उपस्थिति में संपन्न हुई।
बैठक के दौरान विभिन्न प्रकरणों में एक बार फिर समाज का विखरता ताना माना हुआ प्रदर्शित। अपनों के दंश से पीड़ित सीनियर सिटीजन ने सुनाई अपनी व्यथाएँ।
प्रकरण क्रमांक 01
ग्रामीण क्षेत्र के 70 वर्षीय सीनियर सिटीजन ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके 4 लड़के बहु तथा भरा पूरा परिवार है, लेकिन भाइयों के आपसी विवाद के चलते माता पिता की सेवा ,भरण पोषण तथा रखरखाव के लिए उनकी जमीन पर खेती को लेकर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। सब एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर उन्हें परेशान होने पर मजबूर करते हैं। सुनवाई के दौरान पंचायत आनावेदकों को स्पष्ट किया कि किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति का बसीयत का अधिकार पूर्ण तथा अंतिम है वे जब चाहें जिसे चाहे अपना वारिस बना सकते हैं, जीवन के किसी भी मोड़ पर उनके पसंदीदा तथा उनकी विधिवत देखभाल करने वाले के नाम अपनी जमीन आदि कर सकते हैं। पंचायत ने बताया कि यदि बेटे उनकी देखभाल नहीं कर पा रहे तो वह किसी और को अपनी जमीन देकर खेती करा सकते हैं तथा अपना वर्ण पोषण कर सकते हैं। लेकिन यह स्थिति परिवार की दृष्टि से दृष्टि से उचित प्रतीत नहीं होती। दोनों पक्षों के तर्क तथा पंचायत के परामर्श उपरांत सहमति दर्ज हुई की अब माता पिता के भरण पोषण इलाज में कोई दिक्कत नहीं होगी। उनकी निर्धारित जमीन पर खेती करने वाला बेटा वर्ष भर का एडवांस पहले देगा। तथा सभी लोग पृथक से इलाज भरण पोषण हेतु मिलकर कार्य करेंगे।
प्रकरण क्रमांक 02
इंदौर निवासी सीनियर सिटीजन ने शिकायत दर्ज कराई की। उनके द्वारा तीन साल पहले ग्रामीण क्षेत्र में इसे जमीन का सौदा करके 50 लाख की रकम दी थी तथा एग्रीमेंट किया था। बाद में जमीन का सौदा नहीं हो पाया तथा दिया गया पैसा वापस नहीं हो पा रहा है। पंचायत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। अनावेदक पक्ष ने बताया कि सौदा टूटने से हुए नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी तथा बड़ी राशि इस रूप में खर्च हुई है। आवेदक पक्ष ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पंचायत के द्वारा प्रकरण में नैतिकता के मूल्यों के अनुरूप दोनों पक्षों को आपस में सहमति कर प्रकरण का निराकरण करना चाहिए। प्रकरण में दीर्घ परामर्श उपरांत दोनों पक्ष वापसी की राशि को लेकर सहमत नहीं हुए। पंचायत के द्वारा प्रकरण के विधिक पक्ष पर विस्तार से चर्चा हेतु समय निर्धारित किया गया।
प्रकरण क्रमांक 03
कस्बा क्षेत्र निवासी एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने दूसरी शादी की तथा उनके मकान में उनके दोनों बेटे तथा वह रहते थे। बेटे के द्वारा परेशान करने झगड़ा करने से वह घर छोड़कर जाने को मजबूर हुए। प्रकरण की सुनवाई के दौरान, दोनों पक्षों ने अपना पक्ष प्रदर्शित किया तथा अनवेदक ने बताया कि पिता की दूसरी शादी के कारण वह व्यथित था। पंचायत के द्वारा परामर्श दिया गया कि चूंकि मकान आवेदक के द्वारा बनाया गया है, अतः उसका अधिकार पूर्ण है, वो जिस प्रकार चाहे अपने मकान में रह सकता है तथा बेटा उन्हें परेशान नहीं कर सकता पंचायत की परामर्श पर दोनों पक्षों में सहमति दर्ज हुई तथा निर्धारित हुआ कि पिता अपने हिसाब से मकान का रेनोवेशन कराएंगे तथा छोटे बेटे की शादी करेंगे। मकान में आवेदक के अनुसार निर्धारित कमरे में बेटे तथा अन्य लोग रहेंगे आवेदक भी अपने हिसाब से निवास करेगा। परामर्श पर दोनों पक्ष राजी हुए तथा अनवेदक ने सहमति जताई कि न तो वह पिता से लड़ेगा, ना ही वह उन्हें किसी प्रकार से परेशान करेगा।
अन्य प्रकरणों में भी सुनवाई की गई कुछ में आगामी तिथि का निर्धारण तथा कुछ में किन्हीं पक्षों की उपस्थिति या दस्तावेज आदि के लिए निर्धारण किया गया।
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