वंदेमातरम एकता, त्याग एवं भक्ति की भावना को अभिव्यक्त करता है - रायसिंह मेवाड़ा
वंदेमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर नपा के सभाकक्ष में हुआ सामूहिक गायन
आष्टा। देश सहित संपूर्ण प्रदेश में राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विभिन्न आयोजन किए जा रहे है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 नवंबर 2025 को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक वर्ष तक चलने वाले समारोहों का उद्घाटन किया था। इसी कड़ी में नगरपालिका सभाकक्ष में नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा की उपस्थिति में राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम का सामूहिक गायन किया गया।
नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने बताया कि भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’, जिसे बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने रचा था, ऐसा माना जाता है कि यह 7 नवंबर, 1875 को अक्षय नवमी के दिन यह लिखा गया था। श्री मेवाड़ा ने बताया कि रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे संगीतबद्ध किया गया, जिसके बाद यह भारत की सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान का एक शक्तिशाली प्रतीक बन गया जो एकता, त्याग एवं भक्ति की भावना को अभिव्यक्त करता है। हमारे राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन का प्रताप इतना था कि इसके गायन मात्र से ही गाने वाले और श्रवण करने वाले में अद्भुत जोश का प्रसार होता है, यही परिणाम रहा कि अंग्रेजों के जुर्म को दूर करने में इस गीत ने युवाओं में जोश का प्रसार हुआ और अंग्रेजों को खेदेड़कर भारत से भगाया और भारत को स्वतंत्र कराया। इस अवसर पर पार्षद रवि शर्मा, सहायक यंत्री आकाश गुयतर, उपयंत्री पीके साहू, अनिल धुर्वे, मनोहर जावरिया, यश कौशल, अनिरूद्ध नागर, मनीष श्रीवास्तव, आदित्य तलनीकर, गबू सोनी, नारायण सोलंकी, महेन्द्र पोसवाल, मोहम्मद इसरार, संजय शर्मा, आकाश चैहान, कृष्णमोहन जोशी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारीगण मौजूद थे।