2030 तक 1000 परमाणु हथियार? रिपोर्ट में चीन के न्यूक्लियर प्लान का दावा

चीन के सिचुआन प्रांत में न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जो दुनिया को हैरान कर रही है. दक्षिण-पश्चिम चीन की धुंध से ढकी घाटियों की ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में न्यूक्लियर साइट का एरिया तेजी से बढ़ है. तस्र्ट में दावा किया गया है कि साल 2030 तक चीन 1000 न्यूक्लियर वेपन बना सकता है. दुनिया इस समय कई मोर्चों पर युद्ध और तनाव का सामना कर रही है. ऐसे माहौल में बड़े देश अपनी सैन्य और डिफेंस सिस्टम को लगातार मजबूत कर रहे हैं. इसी बीच अमेरिकी अखबार The New York Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन दक्षिण-पश्चिमी प्रांत सिचुआन में अपने परमाणु हथियार इंफ्रास्ट्रक्चर  को तेजी से विकसित कर रहा है.अमेरिका ने पहले भी चीन पर गुप्त परमाणु परीक्षण करने का आरोप लगा चुका है. ट्रंप प्रशासन के दौरान चीन और रूस को शामिल करते हुए एक बड़े परमाणु हथियार समझौते की मांग उठाई गई थी.रिपोर्ट के अनुसार, सिचुआन प्रांत के जिटोंग और पिंगटोंग इलाकों में स्थित परमाणु सुविधाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण किया गया है. जिटोंग में नए बंकर, किलेबंदी और जटिल पाइपिंग सिस्टम के निर्माण की बात कही गई है, जिससे संवेदनशील और खतरनाक सामग्री के प्रबंधन का संकेत मिलता है.भौतिक विज्ञानी हूई झांग के अनुसार, हाई एक्सप्लोसिव परीक्षण परमाणु हथियार डिजाइन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और ऐसे परीक्षणों के संकेत जिटोंग क्षेत्र में देखे गए हैं. जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञ रेनी बैबियार्ज का मानना है कि 2019 के बाद से इन साइट्स पर निर्माण गतिविधियां तेज हुई हैं, जो चीन के सुपरपावर बनने की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं.मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के विशेषज्ञों और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीन की परमाणु क्षमता में तेजी से बढ़ोतरी वैश्विक रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है.अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के अनुमान के मुताबिक 2026 के अंत तक चीन के पास 600 से अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं. 2030 तक यह संख्या 1,000 के करीब पहुंचने का अनुमान है. अमेरिका का कहना है कि भविष्य के किसी भी वैश्विक परमाणु नियंत्रण समझौते में चीन की भागीदारी जरूरी है, जबकि चीन ने इस दिशा में सीमित रुचि दिखाई है.

2030 तक 1000 परमाणु हथियार? रिपोर्ट में चीन के न्यूक्लियर प्लान का दावा

चीन के सिचुआन प्रांत में न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जो दुनिया को हैरान कर रही है. दक्षिण-पश्चिम चीन की धुंध से ढकी घाटियों की ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में न्यूक्लियर साइट का एरिया तेजी से बढ़ है. तस्र्ट में दावा किया गया है कि साल 2030 तक चीन 1000 न्यूक्लियर वेपन बना सकता है. दुनिया इस समय कई मोर्चों पर युद्ध और तनाव का सामना कर रही है. ऐसे माहौल में बड़े देश अपनी सैन्य और डिफेंस सिस्टम को लगातार मजबूत कर रहे हैं. इसी बीच अमेरिकी अखबार The New York Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन दक्षिण-पश्चिमी प्रांत सिचुआन में अपने परमाणु हथियार इंफ्रास्ट्रक्चर  को तेजी से विकसित कर रहा है.अमेरिका ने पहले भी चीन पर गुप्त परमाणु परीक्षण करने का आरोप लगा चुका है. ट्रंप प्रशासन के दौरान चीन और रूस को शामिल करते हुए एक बड़े परमाणु हथियार समझौते की मांग उठाई गई थी.
रिपोर्ट के अनुसार, सिचुआन प्रांत के जिटोंग और पिंगटोंग इलाकों में स्थित परमाणु सुविधाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण किया गया है. जिटोंग में नए बंकर, किलेबंदी और जटिल पाइपिंग सिस्टम के निर्माण की बात कही गई है, जिससे संवेदनशील और खतरनाक सामग्री के प्रबंधन का संकेत मिलता है.
भौतिक विज्ञानी हूई झांग के अनुसार, हाई एक्सप्लोसिव परीक्षण परमाणु हथियार डिजाइन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और ऐसे परीक्षणों के संकेत जिटोंग क्षेत्र में देखे गए हैं. जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञ रेनी बैबियार्ज का मानना है कि 2019 के बाद से इन साइट्स पर निर्माण गतिविधियां तेज हुई हैं, जो चीन के सुपरपावर बनने की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं.
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के विशेषज्ञों और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीन की परमाणु क्षमता में तेजी से बढ़ोतरी वैश्विक रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है.अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के अनुमान के मुताबिक 2026 के अंत तक चीन के पास 600 से अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं. 2030 तक यह संख्या 1,000 के करीब पहुंचने का अनुमान है. अमेरिका का कहना है कि भविष्य के किसी भी वैश्विक परमाणु नियंत्रण समझौते में चीन की भागीदारी जरूरी है, जबकि चीन ने इस दिशा में सीमित रुचि दिखाई है.