वंदेमातरम के 150वे स्मरणोत्सव में शामिल हुए विधायक,हुआ सामूहिक वंदेमातरम गान
आष्टा । आज राष्ट्रगीत“वंदे मातरम्” के 150वें स्मरणोत्सव पर शासकीय कन्या शाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आष्टा में विशाल कार्यक्रम का आयोजन आयोजित किया गया । कार्यक्रम में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर शामिल हुए । माँ सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ । इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का समवेत गायन हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा की वंदे मातरम्’ केवल शब्दों का संग्रह नहीं, भारत की आत्मा का स्वर है। अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध ‘वंदे मातरम्’ ने देश को संगठित करके आजादी की चेतना को बल दिया। साथ ही, क्रांतिकारियों के मन में मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण, गर्व और बलिदान की भावना जगाई।
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा की राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' आजादी के आंदोलन में देशवासियों के लिए आन्दोलन का मंत्र बना था। हमारे वीर सपूतों ने इस मंत्र का गायन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में "वंदे मातरम” के गायन के माध्यम से राष्ट्र आराधना करते हुए पूर्वजों ने हमें स्वतंत्रता दिलाई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की वर्तमान पीढ़ी को "वंदे मातरम” के महत्व से अवगत कराने के लिए "वंदे मातरम” की 150 वी वर्षगांठ को देश भर में समारोह पूर्वक मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत "वंदे मातरम” की 150 वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रहे आयोजनों से देशभर में राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने इस अवसर पर सभी को "वंदे मातरम” की 150 वी वर्षगांठ की सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही "वंदे मातरम” के रचयिता स्वर्गीय बंकिम चंद्र चटर्जी सम्मान पूर्वक स्मरण किया।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम” की 150 वी वर्षगांठ 7 नवम्बर को उत्साह व उमंग के साथ समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि उत्थान धारवा, भाजपा नगर महामंत्री मोहित सोनी,सौरभ जैन शीतल सहित शिक्षक,विद्यार्थी आदि उपस्तिथ रहे ।