समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार "खाद की किल्लत" के बारे में वस्तुस्थिती

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समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार "खाद की किल्लत" के बारे में वस्तुस्थिती

समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार "खाद की किल्लत" के बारे में वस्तुस्थिती

 

कृषि विभाग के उपसंचालक ने कराया वस्तुस्थिति से अवगत

            

      विगत दिनों एक समाचार पत्र में "खाद की किल्लत" शीर्षक से खबर प्रकाशित की गयी थी। इस खबर के संबंध में कृषि विभाग के उप संचालक श्री अशोक कुमार उपाध्याय ने वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि सीहोर जिले में रबी 2025-26 में 01 अक्टूबर 2025 से अभी तक जिले की सहकारी समितियों में 22136 में. टन यूरिया, 10138 में.टन डी.ए.पी., 10028 में. टन एस.एस.पी., 6749 में. टन एन.पी.के. उपलब्ध हुआ है। इसी प्रकार निजी विक्रेताओं के विक्रय प्रतिष्ठान में 11357 में. टन यूरिया, 2938 में.टन डी.ए.पी.,  10133 मे.टन एस.एस.पी., 5476 मे.टन एन.पी.के.,  697 में. टन पोटाश उपलब्ध हुआ है। इस प्रकार कुल 33493 में.टन यूरिया, 13076 मे.टन डी.ए.पी. 20161 में.टन एस.एस.पी. 12225 मे.टन एन.पी. के. तथा 697 मे.टन पोटाश जिले को उपलब्ध हो चुका है।

 

      इसमें से सहकारी केंद्रो के माध्यम से 19260 मे.टन यूरिया, 7179 मे.टन डी.ए.पी., 5815 मे.टन एस.एस.पी., 4684 मे.टन एन.पी.के., 11 मे.टन पोटाश वितरित किया जा चुका है। इसी प्रकार निजी विक्रेताओं के माध्यम से 7545 में.टन यूरिया, 1727 मे.टन डी.ए.पी., 4535 मे.टन एस.एस.पी., 2352 में.टन एन.पी.के., 203 मे.टन पोटाश वितरित किया जा चुका है। इस 01 अक्टूबर 2025 से प्रकार जिले में कुल 26805 में.टन यूरिया, 8906 मे.टन डी.ए.पी., 10350 मे.टन एस.एस.पी.,  7036 मे.टन एन.पी.के. एवं 214 मे.टन पोटाश का वितरण किया जा चुका है।

 

      वर्तमान में जिले की सहकारी संस्थाओं में 2876 मे.टन यूरिया, 2959 में.टन डी.ए.पी., 4213 मे.टन एस.एस.पी., 2065 मे.टन एन.पी.के. एवं 12 मे.टन पोटाश शेष है। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में 3812 मे.टन यूरिया, 1211 मे.टन डी.ए.पी., 5598 मे.टन एस.एस.पी., 3124 मे.टन एन.पी.के. एवं 471 मे.टन पोटाश शेष है। इस प्रकार से जिले की सहकारी एवं निजी विक्रेताओं के विकय केन्द्रों पर कुल 6688 मे.टन यूरिया, 4170 मे.टन डी.ए. पी. 9811 मे.टन एस.एस.पी. 5189 में टन एन.पी.के. एवं 483 मे.टन पोटाश शेष है।

 

      उन्होंने बताया कि जिले में रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है। कृषकों को खाद्य वितरण सुगम बनाने के लिए वितरण केन्द्रों पर टोकन जारी कर खाद वितरण कराया जा रहा है। जिले में वर्तमान में खाद की कोई कमी नहीं है। आवश्यकतानुसार कृषकों को खाद्य उपलब्ध कराया जा रहा है।